क्यों न स्तुति गएँ
धरती आकाश दोनों
प्रभु की महिमा गएँ
हम जो प्राणी जीवित हैं
क्यों न स्तुति गएँ
जीवन यीशु ने दिया है
जीवन यीशु को ही देंगे,
उसकी स्तुति महिमा
हर वक़्त गाते रहेंगे
जो कुछ येषु ने दिया है
सब कुछ समर्पित करेंगे,
उस ही से भर जाने को
खुद को खाली करेंगे
जो कुछ येषु ने किया है
उसका वर्णन करेंगे,
जीवन के अंतिम पलों तक
उसका ही सिमरन करेंगे